समय की अहमियत
भोर की किरण,
क्षणों का उपहार,
जीवन जागे।
बहती नदी,
रुकती नहीं कभी,
समय कहे।
सूखा पत्ता,
हवा संग उड़ता,
पल बीते।
खिला सुमन,
संध्या में झरता,
काल अटल।
ओस की बूँद,
सूरज संग पिघली,
क्षण अमूल्य।
पक्षी उड़ते,
दिन ढले लौटें,
वेला सधे।
शांत गगन,
तारे गिनता मन,
रात बहे।
समय अमृत,
जो इसे समझे,
जीवन खिले।
— डॉ. अशोक
