सेदोका
हमें चाहिए
एक ऐसा संसार
हो आपस में प्यार।
बनाना होगा
हम सबको मिलकर
ऐसा जग आधार।।१।।
यमराज जी
गले पड़े हमारे
अब वही सहारे।
पर बेचारे
हमसे ही हैं हारे
लग रहे बेचारे।गुरुजनों का
आदर करना है
यही सीखा हमने।
तभी जलती है
हममें ज्ञान ज्योति
पूरे होते सपने।।३।।
