पिता के चरणों में
मैं हूँ तात तुम्हारी रचना।नहीं छोड़कर इन चरणों को,और कहीं भी मुझको बसना। अपनी नींदे देकर तुमने, कितनी मेरी रात
Read Moreमैं हूँ तात तुम्हारी रचना।नहीं छोड़कर इन चरणों को,और कहीं भी मुझको बसना। अपनी नींदे देकर तुमने, कितनी मेरी रात
Read Moreचोरी अपराध नहीं, भारतवर्ष की आदिकालीन संस्कृति है। ये संस्कार है जो प्रत्येक भारतीय के डीएनए में पाया जाता है।
Read Moreहमारे शास्त्रों में आठ चिरंजीवी बताए हैं-अश्वत्थामा बलिरव्यासहनुमश्च विभीषण:।कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरंजीविन:॥’परशुराम, अश्वत्थामा, हनुमान, राजा बलि, वेद व्यास, विभीषण, कृपाचार्य
Read Moreतिमिर और दीया लड़ रहे हैं लड़ाईएक चिंगारी से मात, तम ने है खायी अंधेरे ने जब कद अपना बढ़ायादेख
Read Moreहम रूप अनोखे धर कर, कई भेष में रहते हैंहैं ये अभिमान कि हमको , इस देश में रहते हैं
Read Moreरेल में यात्रा करना एक अनुभव है – कभी सुखद , तो कभी दुखद! यदि समय रहते आरक्षण मिल जाए
Read Moreमैं हूँ तात तुम्हारी रचना।नहीं छोड़कर इन चरणों को,और कहीं भी मुझको बसना। अपनी नींदे देकर तुमने, कितनी मेरी रात
Read Moreलातों के ये भूत हैं मोदी! बातों से ना मान रहेपीठ में छूरा घोंप के बैरी, अपना उल्लू साध रहेमान-मुनौअल
Read Moreमेरे वीर जवानों के प्रभु, जीवन रक्षक बन जाना,और धधकते शोलों को तुम, हिमकण जैसा बरसाना। मातृभूमि के दीवाने ये,
Read Moreशर्म करो तुम छेद कर रहे,खाते हो जिस थाली में,क्या अंतर है तुममें और, उस कीड़ेवाली नाली में। कुत्ता भी
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