ग़ज़ल
उजले-काले चेहरे देखे,चेहरे भी कई दोहरे देखे। सच्ची बातें कह सकते थे,उन पर लाखों पहरे देखे। बहुत छिपाना चाहा उसने,लेकिन
Read Moreराम नाम की लूट है, लूट सके तो लूटअंतकाल पछताएगा, जब प्राण जाएँगे छूट।मौका है नेता जी आप भी वैतरणी
Read Moreमैं हूँ तात तुम्हारी रचना।नहीं छोड़कर इन चरणों को,और कहीं भी मुझको बसना। अपनी नींदे देकर तुमने, कितनी मेरी रात
Read Moreचोरी अपराध नहीं, भारतवर्ष की आदिकालीन संस्कृति है। ये संस्कार है जो प्रत्येक भारतीय के डीएनए में पाया जाता है।
Read Moreहमारे शास्त्रों में आठ चिरंजीवी बताए हैं-अश्वत्थामा बलिरव्यासहनुमश्च विभीषण:।कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरंजीविन:॥’परशुराम, अश्वत्थामा, हनुमान, राजा बलि, वेद व्यास, विभीषण, कृपाचार्य
Read Moreतिमिर और दीया लड़ रहे हैं लड़ाईएक चिंगारी से मात, तम ने है खायी अंधेरे ने जब कद अपना बढ़ायादेख
Read More