व्यंग्य – झोले में झमेला
झोला उठाना पुराने समय में खराब होता होगा। लेकिन आज के समय में झोला उठाने वाला सबसे ज्यादा चुस्त- दुरूस्त
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Read Moreचुनाव आते ही नेताजी जहाँ जाते हैं, भोज्य पदार्थ भी वहां के रीति-रिवाज के अनुसार परोसा जाता है। उसी माहौल
Read Moreरामस्नेही एक कवि थे। उदारता से भरी रचनायें लिखते थे। उनकी ख्याति देश के कोने-कोने तक हुई। उनकी एक कविता
Read Moreचीलर कपड़ों के अंदर पाये जाते हैं। खासकर जो सबसे अंदर पहने जाते हैं। रक्तचूसक परजीवी होता है। सफेद दिखाई
Read Moreनेताजी बोले कि आज गरीब बस्तियों में चलों। वोट का ढेर है। चुटकी बजा दो। वोट का रेला उसकी तरफ
Read Moreसरकार ने एक नंबर जारी किया कि जो घूस मांगता है उसकी इस नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
Read Moreचौधरी रामलखन एक नाक वाले व्यक्ति हैं। नाक को बचाकर रखते हैं। नाक एक सामाजिक ताकत देता है। नाक कटना
Read Moreनेता सज्जन होते हैं। साफ-सुथरे होते हैं। दाग धब्बा नहीं लगा होता है। सादगी पसंद है। सादगी के बगैर रह
Read Moreमियाँ मिट्ठुओं का जमाना है।यदि आपको अपने को ऊपर उठाना है,तो ये आपका जमाना है।आप जमेंगे ही नहीं,नाकों नाक तक
Read Moreकई सालों से जनता के बीच रहकर सेवा करने वाले जननेता जब चलते हैं तो भीड़ का सैलाब ही सैलाब।बच्चों,
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