मेरे शहर के श्रृंगार पर भारी है ड्राई-डे
दो अक्टूबर। यानी राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी का जन्मोत्सव। सरकारी कैलेंडर में इसे गांधी जयंती कहते हैं, और मेरे शहर
Read Moreदो अक्टूबर। यानी राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी का जन्मोत्सव। सरकारी कैलेंडर में इसे गांधी जयंती कहते हैं, और मेरे शहर
Read Moreएक खबर अखबार की सुर्खी बनी कि गुरुजी ने परीक्षा में एक बच्चे को नकल करने से रोक दिया। बच्चा
Read Moreदेश में चुनाव हो रहे हों और चर्चा पानी की बोतल पर न हो-ऐसा कैसे हो सकता है! आखिर लोकतंत्र
Read Moreराजनीति में भरोसे का नया पारिवारिक अध्याय जो कभी खत्म न होने वाली चीज है। बस शर्त यह है कि
Read Moreवाह रे लोकतंत्र! यहाँ कुछ लोग गरीबों की जिंदगी समझने के लिए गरीब बनते हैं, और कुछ गरीब लोग पूरी
Read Moreयाद है 2016-17 वाला वो दौर? मोहल्ले के पान ठेले पर भी एक लड़का आकर स्टिकर चिपका जाता था –
Read Moreअपनी हिंदी की तो बात ही निराली है। जिस देश में हिंदी फिल्मों के कलाकार हिंदी में अभिनय करके करोड़ों
Read Moreउस अस्पताल में मृत्यु प्रमाण-पत्र से ज्यादा सांसों की वापसी ने मचाई हलचल। देखा जाये तो अस्पतालों में आमतौर पर
Read Moreएक कवयित्री ने युवा उम्र की तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट कर दी। कोई भी चित्र देखता उसके प्रति स्नेह जागृत
Read Moreविचारणीय प्रश्न यह है कि उल्लू सदैव टेढ़ा ही क्यों होता है,जिसे सीधा करने की आवश्यकता पड़ जाती है ?
Read More