भाषा
प्रसूता जननी मेंउत्पन्न हुए जो भावतत्क्षण जन्मी मेरी भाषामेरे जन्म के साथमधुर लोरियों ने उसे जन्म दियातब मेरे श्रवण रंध्रों
Read Moreभाई भरोसे लाल हमारे मोहल्ले के नामी आदमी है। नामी इस लिए हैं कि उन्हें बस नाम से मतलब चाहे जैसे
Read Moreमेरे मित्र भाई भरोसे लाल मुझे अक्सर कहते रहते हैं कि झूठ के पैर नहीं होते हैं पर मैं उनकी
Read Moreपिछला चुनाव जीतने क के बाद तो टप्पू चौधरी ठीक-ठाक था हमारे प्रधान जी से उसकी बहुत गाढ़ी वाली यानी
Read Moreउन के पास भी पान के पत्ते वाली आकृति है और इन के पास भी यही पान के पत्ते जैसी
Read Moreएक दिन मेरे मित्र भाई भरोसे लाल सुबह सुबह ही आ धमके। मैं कहीं जाने को तैयार हो रहा था।
Read Moreएक दिन मेरे मित्र भाई भरोसे लाल सुबह सुबह ही मेरे घर आ धमके और बोले कि सरकार के विरुद्ध
Read Moreकिसी भी शहर में कोई छोटी मोटी घटना भी घट जाये तो कुछ ज्ञापन और विज्ञापन बाज तुरंत ज्ञापन देने निकल पड़ते
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