हास्य-व्यंग्य – प्रेमिका के खास सपने
आजकल की प्रेमिकायें प्रेमी को हड़काती हैं। प्रेमी के अंदर वीभत्स रस की उत्पत्ति होने लगती है। बहुत भयंकर डर
Read Moreआजकल की प्रेमिकायें प्रेमी को हड़काती हैं। प्रेमी के अंदर वीभत्स रस की उत्पत्ति होने लगती है। बहुत भयंकर डर
Read Moreनेताजी चुनाव जीत गये। समर्थकों ने माला पहनाया और नेताजी को देशी घी का लड्डू खिलाया। नेताजी गदगद हो गये।
Read Moreबेचारे चुनाव हार गये। बड़ी उम्मीद थी। कर्जा लेकर चुनाव लड़े थे। पूरा दांव लगा बैठे थे। साम, दाम, दंड
Read Moreआज सुबह-सुबह मित्र रमराज ने मुझे फोन करके कहा- प्रभु! आप बेवकूफ हैं। मैंने हँसते हुए पूछा -यह बात तुझे
Read Moreसुदूर दुनिया में एक देश है—न्यायनगर। नाम सुनते ही लगता है कि वहाँ न्याय नदियों की तरह बहता होगा, हर
Read Moreझोला उठाना पुराने समय में खराब होता होगा। लेकिन आज के समय में झोला उठाने वाला सबसे ज्यादा चुस्त- दुरूस्त
Read Moreचुनाव आते ही नेताजी जहाँ जाते हैं, भोज्य पदार्थ भी वहां के रीति-रिवाज के अनुसार परोसा जाता है। उसी माहौल
Read Moreरामस्नेही एक कवि थे। उदारता से भरी रचनायें लिखते थे। उनकी ख्याति देश के कोने-कोने तक हुई। उनकी एक कविता
Read Moreचीलर कपड़ों के अंदर पाये जाते हैं। खासकर जो सबसे अंदर पहने जाते हैं। रक्तचूसक परजीवी होता है। सफेद दिखाई
Read Moreनेताजी बोले कि आज गरीब बस्तियों में चलों। वोट का ढेर है। चुटकी बजा दो। वोट का रेला उसकी तरफ
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