हास्य-व्यंग्य : विदेश का पहनावा
विदेश में वह पढ़ी लिखी है। विदेशी हाव-भाव घुस गया है। होनहार लड़की है। विदेश में पली बढ़ी है और
Read Moreविदेश में वह पढ़ी लिखी है। विदेशी हाव-भाव घुस गया है। होनहार लड़की है। विदेश में पली बढ़ी है और
Read Moreबिल्लो रानी को एक मजबूत प्रेमी की आश्यकता महसूस हुई। वह उसी को अपना प्रेम समर्पण करेगी जो जान देने
Read Moreइलाहाबाद का समोसा किसे प्रिय नहीं है। गांव हो या शहर समोसे की ओर सब आकर्षित होते हैं। इलाहाबाद में
Read Moreआजकल की प्रेमिकायें प्रेमी को हड़काती हैं। प्रेमी के अंदर वीभत्स रस की उत्पत्ति होने लगती है। बहुत भयंकर डर
Read Moreवकील साहबएक हत्या के मामले मेंकेस देख रहे थे उनके मित्र जज थेउन्हीं के अदालत मेंमुकदमा चल रहा था वकील
Read Moreप्रतापगढ़ की बिटियाबेहद लाचारपढ़ना चाहती है दुनिया की बच्चियों की तरहवह भी जाना चाहती है स्कूल वह भी उड़ानभरना चाहती
Read Moreवे लोगजो तमंचों के बल परजीतना चाहते हैं जंग उनके अंदरअपनी मौलिक ताकतकमजोर हो चुकी है वे डरें हैंसामने वाले
Read Moreमां तो माँ हैचाहे वो किसी छप्पर में रहती होया किसी राजमहल में वह मां होती हैअपने बच्चों के लिएबच्चा
Read Moreमैं हास्य-व्यंग्य रचनायें लिखता रहता हूँ। लिखना अच्छा लगता है। पाठकगण जब पढ़ कर वाह-वाह कर उठते हैं। मेरा भी
Read Moreनेताजी चुनाव जीत गये। समर्थकों ने माला पहनाया और नेताजी को देशी घी का लड्डू खिलाया। नेताजी गदगद हो गये।
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