हास्य-व्यंग्य : एक आवारा कवि
एक कवि की प्रेमिका ने कवि से कहा कि तुम दूसरे की सुंदरता पर खूब तारीफ लिखते हो। कभी मेरी
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Read Moreबार-बार रचना पत्रिका के संपादक जी को भेजते-भेजते थक गये हैं। अगर पत्रिका में जगह नहीं मिली। इसका सीधा सरल
Read Moreनन्हा मोनूपढ़ना चाहता हैऔर बच्चों की तरहवह भी पतंगउड़ाना चाहता हैआसमां मेंवह तितलियों सेखेलना चाहता हैमोहल्ले के बच्चों संगपर उसके
Read Moreचंदाराम पढ़ लिखकर नौकरी की तलाश में थे। विपत्ति की मारी सरकार बेचारी रोजगार नहीं दे सकी। नून-तेल के लाले
Read Moreदेश में बढ़ रहे अपराध से लोगों में आक्रोश है। गुस्सा है। राजस्थान की घटना ने तो लोगों की आत्मा
Read Moreमैं बहुत लम्बा-चौड़ा लेखक नहीं हूँ। शब्दों का वार थोड़ा बहुत कर लेता हूँ। सादगी वाला लेखक हूँ। टुटे-फूटे भावों
Read Moreचींटी रोज मेरे घर आती है,झोले में रखे गुड़ खाती है। गुड़ खा-खाकर खूब हंसती हैं,अपने बच्चों को भी लाती
Read Moreमुझे एक साहित्यिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया। पहली पर ऐसा साहित्यिक स्नेह मिलने से
Read Moreकिसी की जमीर परलात-घूसा मत मारोउम्र में छोटा हैकमजोर समझ करतीर मत चलाओबच्चा समझकरमां को अपमानित करोगेसत्ता का चाबुक चलाओगेज्यादती
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