मैं सादगी वाला लेखक हूँ
मैं बहुत लम्बा-चौड़ा लेखक नहीं हूँ। शब्दों का वार थोड़ा बहुत कर लेता हूँ। सादगी वाला लेखक हूँ। टुटे-फूटे भावों
Read Moreमैं बहुत लम्बा-चौड़ा लेखक नहीं हूँ। शब्दों का वार थोड़ा बहुत कर लेता हूँ। सादगी वाला लेखक हूँ। टुटे-फूटे भावों
Read Moreचींटी रोज मेरे घर आती है,झोले में रखे गुड़ खाती है। गुड़ खा-खाकर खूब हंसती हैं,अपने बच्चों को भी लाती
Read Moreमुझे एक साहित्यिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया। पहली पर ऐसा साहित्यिक स्नेह मिलने से
Read Moreकिसी की जमीर परलात-घूसा मत मारोउम्र में छोटा हैकमजोर समझ करतीर मत चलाओबच्चा समझकरमां को अपमानित करोगेसत्ता का चाबुक चलाओगेज्यादती
Read Moreहे नवांकुरो!घबड़ाना मतलिखते रहनाकलम को मजबूत रखनामत डरना आलोचनाओं से सच लिखना तुमएक दिन तुम भीआग की भट्टी सेपककर निकलोगे
Read Moreभरी दुपहरी मेंयौवन से भरपूरएक युवतीदूधमुहें बच्चे कोलटकाये हुए फटी साड़ी में लिपटीप्रत्येक कार के पास पहुंचती हाथ फैलाकरकुछ खाने
Read Moreचमचमाती गाड़ियांचमचमाते लोगउनके बड़े-बड़े महलउनके वे रसूखएक भीडजो उनके साथ खड़ी हैउनके पासजो धनबल,बाहुबल हैसड़क पररात जो गुजार रहे हैंउन
Read Moreचुनाव नजदीक आते ही बड़े नेताजी से चुनाव लड़ने वाले संपर्क साधने लगे। अपने क्षेत्र में जनता की सेवा करने
Read Moreसच्चा साहित्यकार बनने के लिए खुद में एक त्याग की भावना होनी चाहिए। सरलता, सादगी और समाज के सबसे कमजोर
Read Moreवे कद्दावर नेता हैं। उनकी अपनी जमीनी हकीकत है। जहाँ जाते दुनिया उनको सलाम करती। उनका अपनापन जनता में है।
Read More