चलो बुलावा आया है
चलो बुलावा आया है, दिल्ली ने बुलाया है। इनकी निगाहें दिल्ली पर टिकी हुई हैं। क्या नेता, क्या लेखक, क्या
Read Moreचलो बुलावा आया है, दिल्ली ने बुलाया है। इनकी निगाहें दिल्ली पर टिकी हुई हैं। क्या नेता, क्या लेखक, क्या
Read Moreस्कूली दिनों में मेरा और गणित का वही सम्बन्ध था जो आमतौर पर किशोरावस्था में टपोरीछिछोरों का लड़कियों से, कितना
Read Moreडांडिया का असली रंग-भाग 1शहर में डांडिया उत्सव का बुख़ार अपने चरम पर है। नवरात्रि के नौ दिन मानो मस्ती
Read Moreएक दिन मैं कोई लेख लिखा था। उस लेख में एक अंग्रेजी शब्द आ गया। शुध्द हिंदी कवयित्री का मौन
Read Moreजिसे हिंदी वाले दल के नाम से नहीं ‘पार्टी’ के नाम से जानते हैं, उसे ही वे ही लोग ‘दल’
Read Moreएक दिन मेरे मित्र भाई भरोसे लाल सुबह सुबह ही आ धमके। मैं कहीं जाने को तैयार हो रहा था।
Read Moreकिट्टी देवी तेरी सदा ही जय हो । ऐसा मुझे दे वरदान तेरी पार्टी में खेले जाने वाले हर गेम
Read Moreश श श श श श! चुप कलम अरे चुप रह मुंह बंद रख अपना, मुझे क्यों डांट रही तन्वी
Read Moreरेल में यात्रा करना एक अनुभव है – कभी सुखद , तो कभी दुखद! यदि समय रहते आरक्षण मिल जाए
Read Moreथका हुआ पत्रकार अपने घर पहुँचा और घरवाली को चाय बनाने का आदेश देकर आरामकुर्सी में धँस गया। वह चाय
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