व्यंग्य – जहर खाएँ, जहर ही खिलाएं
यदि किसी कुत्ते को खाने के लिए कुछ दिया जाए, तो खाने से पहले वह सूँघकर जान लेता है कि
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Read Moreकई तरह के चोर होते हैं। कुछ चोर बौद्धिक होते हैं तो कुछ शारीरिक श्रम को महत्त्व देते हैं। कुछ
Read Moreअब यह तो आपको भी पता चल ही गया कि आज (01 जुलाई) मेरा जन्मदिन है। हालांकि ये कोई विशेष
Read Moreएक दिन मेरे मित्र भाई भरोसे लाल सुबह सुबह ही मेरे घर आ धमके और बोले कि सरकार के विरुद्ध
Read Moreजब हम छोटे थे तो समझते थे कि सबसे ताकतवर लोग पुलिसवाले होते हैं, फिर बड़े हुए तो लगा कि
Read Moreसमय परिवर्तनशील है, बुद्धिमान वही होता है जो समय के साथ अपने आपको बदलने में माहिर होता है। ऐसे में
Read Moreभगवान से लेकर इंसान तक सबको चुन्नटों से प्यार है।इसीलिए मानव मात्र ही नहीं सभी जीव जंतुओं में चुन्नटों की
Read Moreजब कोई आम नागरिक सरकारी कार्यालय के चक्कर काटते-काटते थक जाता है, तब उसे एक मार्गदर्शक तारे की तरह भ्रष्टाचार
Read Moreकिसी भी शहर में कोई छोटी मोटी घटना भी घट जाये तो कुछ ज्ञापन और विज्ञापन बाज तुरंत ज्ञापन देने निकल पड़ते
Read Moreभैया रिटायर क्या हुए, ज़िन्दगी में नसीहतों की बाढ़ सी आ गई। कुछ दिन पहले ही रिटायर हुए हैं और
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