हास्य-व्यंग्य : विरह के कवि तथा नायिकाओं का संकट
आजकल की नायिकाओं को विरह-वेदना की अग्नि में नहीं जलना पड़ता है इसलिए वियोग के कवि की उत्पत्ति नहीं हो
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Read Moreइस बार हिंदी की संस्मरण की पुस्तक पर साहित्य अकादमी का पुरस्कार मिल गया। साहित्य जगत में कोई हल्ला नही
Read Moreवेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और वहाँ के राष्ट्रपति को पत्नी के साथ अलोकतांत्रिक ढंग से अपराधियों की तरह बलपूर्वक बंधक
Read Moreट्रंप एक न झुकने वाला फलदार वृक्ष है। जो कभी झुकता ही नहीं। चाहे जितने फल आ जाये उसकी हर
Read Moreजब पढाई का दौर होता है। लड़के लड़कियों में डाक्टर बनने का जुनून होता है तो समाज सेवा की भावना
Read Moreआजकल के न्यूज चैनल खोलते ही समाचार नही बल्कि चटखारे मसाले सुनने को मिलता हैं, भारतीय मनुष्य के जीवन में
Read Moreवे बीच चौराहे पर खड़े होकर हाथ फेंक-फेंककर चीख रहे थे- ”सरेंडर कर दिया! सरेंडर कर दिया!!“मैंने किसी तरह उनको
Read Moreबचपन में हमें प्राथमिक कक्षाओं से ही फूल बनाने की कला में पारंगत करने की कला का अभ्यास कराया जाता
Read Moreबहुत दुःख की बात है यारो कि बारबाला को आज बहुत रोना आ रहा है। बेचारी दहाड़ें मार-मारकर छाती पीट-पीटकर
Read Moreलोगों को बहुत जल्दीबाजी है। सब लोग लबर- लबर करने में लगे हैं। न्यूज और व्यूज पाने की। अपडेशन की
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