हास्य व्यंग्य

व्यंग्य – श्रद्धांजलि देने की होड़ में

लोगों को बहुत जल्दीबाजी है। सब लोग लबर- लबर करने में लगे हैं। न्यूज और व्यूज पाने की। अपडेशन की इतनी जल्दीबाजी है कि लोग अगर अपने आपको मारकर भी व्यूज पा लें तो क्या कहने। कुछ ही दिनों में आप देखेंगे की लोगों का अपने ही फोटो पर हार चढ़ाकर कैप्सन ष् मरने की यात्रा पर जा रहा हूँ संभव है वहाँ जल्दी ही आपसे मुलाकात हो। ष् लिख रहें होंगे। खुद तो ससुर मरेंगे ही आपके मरने की भी कामना करेंगें। तब हालत ये होगा कि लोग मरकर भी लाईक कमेंट चेक करेंगे। ताकि वो व्यूज पा सकें। ये व्यूज पाने का चक्कर लोगों को गिरा दे रहा है। गिरने को दरअसल वायरल होना कहा गया है। गिरना ठेठ अँग्रेजी में वायरल होना या ढीठ होना कहलाता है। आप जितना गिरेंगे उतना ही वायरल होंगे।
गिरने की जो पराकाष्ठा है उसके क्या कहने। जिसको देखो वही मोबाइल में आँखें गड़ाए हुए है। सब लोग बेकार की मेहनत और कसरत करते दिखाई दे रहें हैं। कोई बेवजह उछल कूद -कर रहा है। लोग बेवजह के अँग प्रदर्शन में लगे हैं। सब लोग अपनी पोस्ट पर लाईक्स पर कमेंट पाना चाहते हैं। व्यूज ने लोगों का दिमाग खराब कर दिया है। किसी के पोस्ट पर ज्यादा लाईक्स और कमेंट अगर आ गया तो बगल वाला जल- भून जाता है। वो अवसाद और तनाव से घिर जाता है। दुनिया में सबसे बड़ी जो समस्या है। वो समय समय पर लाईक और कमेंट नहीं मिल पाने का है। इससे बड़ी समस्या तो रूस ,युक्रेन युद्ध को भी नहीं माना जा सकता।
कहा भी गया है जल्दीबाजी का काम शैतान का होता है। एक दिन एक अभिनेता बीमार पड़े और आई. सी. यू. में पहुँच गए। लोगों में तो जैसे श्रदांजलि देने की होड़ सी ही मच गई। अभिनेता उस समय तक जीवित थे। लेकिन चौनलों को ब्रेकिंग न्यूज चलानी थी। लिहाजा उन्होंने न्यूज चला दी। अभिनेता के फैन गुस्सा हो गए। कुछ समय बाद एंकर महोदया को सोशल साईटस पर ट्रोल किया जाने लगा। माला चढ़ाना फेसबुक पर मँहगा पड़ गया। लोग एंकर महोदया की फोटो पर हार पर हार चढ़ाने लगे। सवाल उठता है मृत्यु की खबर को सबसे पहले पहुँचाकर भला क्या होना है। कोई ना कोई दूसरा भी ये काम कर ही देगा। लोगों को ऐसा लगता है कि अगर कोई वायरल खबर वो चला देंगें तो कोहिनूर हीरा उनको मिल जाएगा।
इधर हर दूसरे-तीसरे की वॉल पर अभिनेता के मृत्यु की खबरें चल रहीं थी। अभिनेता भी लज्जित था कि बताओ भला कैसा समय आ गया है कि जो पब्लिक कभी सिर माथे पर उनको बिठाती थी। आज वही पब्लिक उनके मरने की कामना कर रही है। पब्लिक को नहीं पता कि अभी सनी पाजी और बाबी पाजी जिंदा हैं। सनी पाजी का जब हाथ पड़ता है तो आदमी उठ जाता है।
जल्दीबाजी में एक सज्जन अभिनेता की जगह अपनी पत्नी का फूलों से मढ़ा हुआ फोटो अपनी फोटो पर लगा बैठे। कैप्सन में लिखा ष् दिवंगत अभिनेता फलाने को भावभीनी श्रद्धांजलिष्। ये बात उनकी पत्नी जी को पता चल गयी। तो पत्नी जी नाराज होते हुए बोलीं कि कम-से-कम मेरे मरने तक तो सही से इंतजार कर लेते। पहले मेरे मरने की पुष्टि तो कर लेते तब जाकर ये हार मेरी फोटो पर चढ़ाते। पति महोदय को अब अपनी गलती का एहसास हुआ। वो पत्नी से अनुयय करते हुए उसको मनाने में लगे हैं।

— महेश कुमार केशरी

महेश कुमार केशरी

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