प्रकृति
प्रकृति से हुईं छेड़छाड़ पानी बोतलों में बिक गया समय कह रहा अभी भी अपने मैं ले आओ बदलाब नहीं
Read Moreएतवार अब टूट रहा शादी के बंधन से सात की क्या कहें एक जन्म का बंधन ही भारी हो रहा
Read Moreनारी की पीड़ा सबको दिखे पुरुष की न देखे कोय क्या क्या न वो सहता रखने को घर की लाज
Read Moreजिसे देखो वो ही भाग रहा अपनों से जुदा हो रहा पर जा कहाँ रहा है उसको खुद पता नहीं
Read More