नेता जी
पढ़ लिख हम पछता रहे काहे किये समय बर्बाद पढ़ के का मिल गया मिली जिंदगी में खिचंखास जो बन
Read Moreशहर छोड़ लौट चलूं अब वापिस अपने गांव गांव छोड़ शहर आया था कुछ पाने और कमाने किया हिसाब तो
Read Moreशब्द इस्तेमाल किये जाये यह जरुरी नहीं भाव भंगिमायें ही व्यक्त कर देती है आदमी के मन में छुपी बात
Read Moreमंज़िल का सफ़र कहते हैं जिसे हम असलियत में वह वापसी का सफ़र है यह नादानी है हमारी हम वापसी
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