जीवन
ज़माने से तो बहुत बात हो गई जान भी लिया उसको क्षणिक रुकते हैं खुद से भी अब बात करते
Read Moreशब्द इस्तेमाल किये जाये यह जरुरी नहीं भाव भंगिमायें ही व्यक्त कर देती है आदमी के मन में छुपी बात
Read Moreमंज़िल का सफ़र कहते हैं जिसे हम असलियत में वह वापसी का सफ़र है यह नादानी है हमारी हम वापसी
Read Moreलड़के कुंवारे रह रहे बुड्ढे ब्याह रचा रहे क्वारी लड़कियां को भी जवान छोड़ बुड्ढे पसंद आ रहे जोड़े बन
Read Moreपत्नियों की नज़र में पतियों का था परमेश्वर का दर्ज़ा अब पत्नियां कह रहीं तू परमात्मा है तेरा यहाँ काम
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