जीवन
ज़माने से तो बहुत बात हो गई
जान भी लिया उसको
क्षणिक रुकते हैं
खुद से भी अब बात करते
रूबरू होकर खुद से
एक नई राह पर चलते हैं
जहाँ शांति है सकून है
दूसरे का दर्द है
चारों तरफ उजियारा है
अंधकार का लोप है
प्यार की ज्योति है
जीवन का मतलब भी तो यही है
