स्वास्थ्य

नीम  हमारे स्वास्थ्य का ध्यान रखता है 

नीम के फूलों की महक वातावरण को ताजगी प्रदान करती है।नीम के पेड़ पर लाखो की संख्या लगे फूलों से नीम का पेड़ ऐसा लगता है।मानो नीम ने सेहरा बांध रखा हो।निम्बोलिया जो की पक्षियों का आहार भी होती है।नीम हर वर्ष उन्हें प्रदान करता है।नीम,आदि कई पेड़- पौधे जो संक्रमण रोकथाम हेतु रोगनाशक होते है।गेंहू की कोठियों में नीम के पत्ते डालते है।पत्तियों को उबालकर स्नान टहनियों से दातुन आदि का उपयोग करते आरहे है।’पर्यावरण प्रेम एवं रेडियो पर आकाशवाणी में बजता निमाड़ी मालवी लोक गीत ‘ठंडा लिमड़ा री छाया वसी मात पिता की माया ‘ गीत में नीम का गुणगान सुनाई  पड़ता है।कई स्थानों पर पेड़ो से लिपट कर उसे काटने से बचाने के प्रयास की खबर भी सुर्ख़ियों में आई थी।नीम में कई गुण औषधि  स्वरुप रहते है।कई स्थानों पर बुजुर्गो को नीम के वृक्ष की वजह से उनके नाम के स्थान पर ‘नीम वाली माँ,/नीम वाले बां संबोधित करने का आज भी चलन है। खैर नीम का वृक्ष उपयोगी और हमारा वृक्ष मित्र परिवार है।उसका ख्याल रखना हम सब का कर्तव्य है। 

— संजय वर्मा “दृष्टि”

*संजय वर्मा 'दृष्टि'

पूरा नाम:- संजय वर्मा "दॄष्टि " 2-पिता का नाम:- श्री शांतीलालजी वर्मा 3-वर्तमान/स्थायी पता "-125 शहीद भगत सिंग मार्ग मनावर जिला -धार ( म प्र ) 454446 4-फोन नं/वाटस एप नं/ई मेल:- 07294 233656 /9893070756 /antriksh.sanjay@gmail.com 5-शिक्षा/जन्म तिथि- आय टी आय / 2-5-1962 (उज्जैन ) 6-व्यवसाय:- ड़ी एम (जल संसाधन विभाग ) 7-प्रकाशन विवरण .प्रकाशन - देश -विदेश की विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं में रचनाएँ व् समाचार पत्रों में निरंतर रचनाओं और पत्र का प्रकाशन ,प्रकाशित काव्य कृति "दरवाजे पर दस्तक " खट्टे मीठे रिश्ते उपन्यास कनाडा -अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व के 65 रचनाकारों में लेखनीयता में सहभागिता भारत की और से सम्मान-2015 /अनेक साहित्यिक संस्थाओं से सम्मानित -संस्थाओं से सम्बद्धता ):-शब्दप्रवाह उज्जैन ,यशधारा - धार, लघूकथा संस्था जबलपुर में उप संपादक -काव्य मंच/आकाशवाणी/ पर काव्य पाठ :-शगुन काव्य मंच

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