होली है
अब होली के हुड़दंग कहाँ बचपन के वो दोस्त कहाँ पहले वाली अब बात कहाँ न पहले सा रंग बचा
Read Moreखाली घर खाने को दौड़ता है अब कभी यहाँ हलचल थी आज सन्नाटा है पसरा रोनकों का दौर भी खत्म
Read Moreजरुरी नहीं की बातें ही हों तुम आसपास हो यह एहसास ही काफ़ी है जीने के लिए
Read Moreबसंत आ गया पेड़ पौधे सब बौराने लगे रंग बसंत का कुछ हम पर भी है चढ़ा बौराये बौराये हम
Read Moreहम गुजरे हुए लोग करते हैं वही अपनी गुजरी हुईं बात वह दौर और था यह दौर और है वह
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