दहशत
दहशत किस तरह फैली चारों तरफ नीले ड्रम की छोड़ दे रहे पत्नियों को पति उनके प्रेमियों के लिए जान
Read Moreलड़के कुंवारे रह रहे बुड्ढे ब्याह रचा रहे क्वारी लड़कियां को भी जवान छोड़ बुड्ढे पसंद आ रहे जोड़े बन
Read Moreपत्नियों की नज़र में पतियों का था परमेश्वर का दर्ज़ा अब पत्नियां कह रहीं तू परमात्मा है तेरा यहाँ काम
Read Moreखाली घर खाने को दौड़ता है अब कभी यहाँ हलचल थी आज सन्नाटा है पसरा रोनकों का दौर भी खत्म
Read Moreजरुरी नहीं की बातें ही हों तुम आसपास हो यह एहसास ही काफ़ी है जीने के लिए
Read Moreबसंत आ गया पेड़ पौधे सब बौराने लगे रंग बसंत का कुछ हम पर भी है चढ़ा बौराये बौराये हम
Read Moreहम गुजरे हुए लोग करते हैं वही अपनी गुजरी हुईं बात वह दौर और था यह दौर और है वह
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