कविता *ब्रजेश गुप्ता 16/01/202617/01/2026 सत्ता सुख यह आज की राजनीति है कोई किसी से बंधा नहीं यहां आदर्श नहीं सत्ता सुख की दरकार है यहां जीत Read More
क्षणिका *ब्रजेश गुप्ता 16/01/202617/01/2026 लोकतंत्र हमको इतराज़ नहींकोई करे देश पर राजइतराज़ है तो बस इतनाराज शाही में थे जो राजा महाराजादेश आज़ाद पर सब Read More
कविता *ब्रजेश गुप्ता 16/01/202617/01/2026 आई बसंत पीली सरसों फूली सरसों धानी चुनरिया ओढ़े धरा दिन लंबे छोटी रातें ठंड विदा हो रही सर्द गर्म के योग Read More
कविता *ब्रजेश गुप्ता 05/01/202605/01/2026 झंडू बाम न इतराओ इतना इत्र लगाकर महकने में हम भी खूब महके हैं चन्दन, गुलाब लगाकर वक़्त की बात है अब Read More
बाल कविता *ब्रजेश गुप्ता 03/01/202604/01/2026 बाल कविता बिल्ली बोली म्यांयूँ म्यांयूँ मुझको न परेशां करो पेट भरा हुआ है मेरा धूप में लेटी करती मैं आराम मौसम Read More
कविता *ब्रजेश गुप्ता 30/12/202531/12/2025 नया बर्ष कहते हैं नया साल आ गया स्वीकार करो नव वर्ष शुभकामनायें शब्दों से नहीं चलने वाला कुछ काम हमें शुभकामनायें Read More
कविता *ब्रजेश गुप्ता 14/12/202517/12/2025 नया साल हर साल आता है नया साल हम संजोते नये नये सपने एक एक महीने कर साल गुजरता जाता है हम Read More
कविता *ब्रजेश गुप्ता 08/12/202509/12/2025 मुस्कुराहट हर वक़्त चेहरे पर नज़र क्यों आतीं यह तल्खियां जाने मन कभी तो मुस्कुराइए देखना चाहते हैं हम मुस्कुराता वही Read More
क्षणिका *ब्रजेश गुप्ता 05/11/202506/11/2025 दर्द ज़माने भर को क्या बताऊँ अपना दर्दे जिगर जब खुद ही सहना हो यह खुद का दर्द Read More
क्षणिका *ब्रजेश गुप्ता 05/11/202506/11/2025 फुर्सत याद है तुमको मिल लिया करते थे हम जब कभी अब फुर्सत निकालनी पडती है एक छोटी सी भी मुलाक़ात Read More