किस क़दर टूटा हूँ
किस क़दर टूटा हूँ, तुमको क्या बताऊँ,जिस्म छलनी छलनी, तुमको कैसे बताऊँ? जबसे दी तुमने क़सम भूलने की,दिया था वास्ता
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Read Moreदिनांक 28.04.2026, दिन मंगलवार को होली चाइल्ड पब्लिक इण्टर कॉलेज, जडौदा, मुजफ्फरनगर के सभागार में विद्यार्थियों के लिए बाल साहित्य
Read Moreउम्र का यह दौर चौथा, हम तन्हा रह गये,रिश्तों को सँवारा नही, अब तन्हा रह गये।पंख मिले बच्चों को, निज
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