Author: प्रो. आरके जैन 'अरिजीत'

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

संतोष से दूर, संकट के निकट : परिवार की बदलती कहानी

जब संबंधों की जड़ें स्वार्थ की धूप में सूखने लगती हैं, तब सभ्यताओं का मौन पतन शुरू हो जाता है।

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शिक्षा एवं व्यवसाय

माता-पिता जागें तो पीढ़ी चमके : नया सत्र, नया दायित्व-पत्र

हर नए सत्र के साथ बच्चों के हाथों में किताबें आती हैं, लेकिन इस बार जिम्मेदारियों की एक नई पुस्तक

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पर्यावरण

प्रकृति के पुनर्जन्म का भारत मॉडल: एक नई सभ्यता की शुरुआत

सभ्यताओं का भविष्य केवल संसदों में नहीं, खेतों की मिट्टी, जंगलों की हरियाली और जलस्रोतों की जीवनधारा में भी लिखा

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धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

डांसिंग गर्ल: जिसे ढककर हम खुद को उजागर कर बैठे

इतिहास बदलने के लिए बड़े फैसलों की जरूरत नहीं होती; कभी-कभी एक छोटी-सी शेडिंग ही काफी है। सिंधु घाटी सभ्यता

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शिक्षा एवं व्यवसाय

पत्तियाँ काटने से नहीं, जड़ों को काटकर ही मिटेगा परीक्षा माफिया

भारत की परीक्षा-व्यवस्था एक बार फिर उस मोड़ पर है जहाँ प्रश्न केवल नकल या लीक का नहीं, बल्कि भरोसे

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राजनीति

भारत अब सिर्फ विकसित नहीं हो रहा, विश्व को विकसित कर रहा है

तकनीक की वैश्विक बिसात पर भारत अब मोहरा नहीं, चाल चलने वाला खिलाड़ी बनता दिख रहा है। फ्रांस के नीस

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अन्य लेख

दक्षिण की फिल्में कहानी से शुरू होती हैं, बॉलीवुड स्टार से शुरू होता है

जब कोई फिल्म अपनी मिट्टी की गहराइयों से जन्म लेती है, तब वह केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह जाती;

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राजनीति

शहीद कहलाने लायक भी नहीं माने गए… सिर्फ नाविक थे न

कुछ मौतें केवल परिवारों को नहीं रुलातीं, वे राष्ट्र के विवेक को भी कठघरे में खड़ा कर देती हैं। जून

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