सूखा खेतों में है, सवाल व्यवस्था की जड़ों में
महाराष्ट्र में इस बार सूखे ने सिर्फ खेत नहीं सुखाए, व्यवस्था की तैयारी भी उजागर कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र
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Read Moreकैंसर के इलाज की हर अगली खुराक के साथ परिवार की एक उम्मीद जुड़ी होती है। ऐसे में जब निर्माता
Read Moreकभी उत्तर प्रदेश की पहचान उसके सामर्थ्य से नहीं, उसकी बदहाली से होती थी। अब उसी प्रदेश की पहचान बदलने
Read Moreभाषा केवल शब्दों की गठरी नहीं होती; वह समय की स्मृति, समाज की संवेदना और पीढ़ियों की साझा सांस होती
Read Moreकाजू और बादाम अब केवल मेवे नहीं रहे; वे लोकतंत्र की नई शब्दावली बन गए हैं। नांदेड़ (महारष्ट्र) की सूखे
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Read Moreहर युग अपनी पहचान अपने निर्माणों से छोड़ता है; लेकिन आने वाला समय यह पूछेगा कि इन निर्माणों ने इंसान
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