शिक्षा, युवा और लोकतंत्र की नई चुनौती
लोकतंत्र केवल मतदान के दिन दिखाई देने वाली व्यवस्था नहीं है। वह नागरिक के विचार, प्रश्न, असहमति, निर्णय और जिम्मेदारी
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Read Moreभारतीय कृषि लंबे समय से मौसम, मिट्टी और बाजार की अनिश्चितताओं के बीच अपना रास्ता तलाशती रही है। किसान के
Read Moreभारतीय अर्थव्यवस्था ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां महंगाई, आर्थिक वृद्धि, ऋण मांग और मौद्रिक नीति के बीच संतुलन जटिल
Read Moreभारत की ऊर्जा आवश्यकता निरंतर बढ़ रही है और इसके साथ स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण की चुनौती भी गंभीर
Read Moreभारत की अर्थव्यवस्था के तेज विस्तार की चर्चा आज राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में है। सड़कों का जाल बढ़ रहा
Read Moreभारत में सड़क दुर्घटनाएँ अब केवल यातायात व्यवस्था की समस्या नहीं रह गई हैं। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, प्रशासनिक क्षमता, शहरी
Read Moreभारत में स्कूली शिक्षा की बहस लंबे समय तक विद्यालयों की संख्या, नामांकन और बुनियादी सुविधाओं के इर्द-गिर्द घूमती रही।
Read Moreबदलती विश्व व्यवस्था में किसी देश की कूटनीतिक क्षमता का वास्तविक आकलन तब होता है, जब उसके सामने एक साथ
Read Moreभारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका केवल विवादों का निपटारा करने वाली संस्था नहीं है, बल्कि संविधान की सर्वोच्चता, नागरिक
Read Moreवैश्विक अर्थव्यवस्था ऐसे दौर से गुजर रही है जहाँ व्यापार, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा अब केवल आर्थिक विकास के साधन नहीं
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