ब्रिक्स के मंच पर भारत की नई कूटनीतिक परीक्षा
बदलती विश्व व्यवस्था में किसी देश की कूटनीतिक क्षमता का वास्तविक आकलन तब होता है, जब उसके सामने एक साथ
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Read Moreभारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका केवल विवादों का निपटारा करने वाली संस्था नहीं है, बल्कि संविधान की सर्वोच्चता, नागरिक
Read Moreवैश्विक अर्थव्यवस्था ऐसे दौर से गुजर रही है जहाँ व्यापार, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा अब केवल आर्थिक विकास के साधन नहीं
Read Moreभारत की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली केवल योग्य अभ्यर्थियों के चयन का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में समान अवसर, सामाजिक
Read Moreलोकतंत्र की पहचान केवल इस बात से नहीं होती कि नागरिक हर पाँच वर्ष में मतदान करते हैं। उसकी वास्तविक
Read Moreमनुष्य का वास्तविक संघर्ष बाहरी संसार से कम और अपने अंतर्मन से अधिक होता है। सभ्यताओं का इतिहास इस सत्य
Read Moreभ्रष्टाचार पर चर्चा प्रायः किसी घोटाले, आरोप या राजनीतिक विवाद के समय तेज़ हो जाती है, किंतु सुशासन का वास्तविक
Read Moreलोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में न्यायपालिका केवल एक संवैधानिक संस्था नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों, विधि के शासन और राज्य की
Read Moreसमकालीन विश्व व्यवस्था में सैन्य शक्ति का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। कभी किसी राष्ट्र की सामरिक क्षमता का
Read Moreभूमि भारत की अर्थव्यवस्था, कृषि व्यवस्था और सामाजिक संरचना का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। ग्रामीण भारत में किसी परिवार की
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