शिक्षक : भविष्य की दिशा और शिक्षा का नया स्वरूप
शिक्षा का स्वरूप आज जिस तीव्र गति से बदल रहा है, वैसा परिवर्तन शायद पहले कभी देखने को नहीं मिला।
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Read Moreलालगांव, रीवा। मंदिर में चढ़ाया गया प्रसाद कुछ क्षणों की तृप्ति देता है, लेकिन किसी निर्धन विद्यार्थी के हाथ में
Read Moreभारत में स्वामी विवेकानंद सर्व स्वीकृत व समादृत देशभक्त संन्यासी हैं। उनका काल भले ही बीसवीं शताब्दी रहा हो, उनका
Read Moreपाँच सितंबर को स्कूलों में सम्मान का शोर उठता है—दीवारों पर रंग चढ़ते हैं, हाथों में फूल आते हैं और
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Read Moreकृत्रिम मेधा यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब भविष्य की कोई दूर की तकनीक नहीं रह गई है। यह हमारे आसपास के
Read Moreत्यागपत्र आमतौर पर सेवा का अंत माना जाता है, लेकिन हर विदाई अंत नहीं होती। कुछ विदाइयां यह सवाल छोड़
Read Moreभारत में उच्च शिक्षा को हमेशा बेहतर भविष्य का रास्ता माना गया है। माता-पिता अपने बच्चों को इसलिए पढ़ाते हैं
Read Moreआजकल सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का नज़रिया एक चलन बनता जा रहा है, और यह अच्छा नहीं है। फ़ोन,
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