शरीर के अंगों की बाल पहेलियाँ
1 मुँह में रह करती है लप-लप।हर व्यंजन खाती है गप – गप।लंबी – चौड़ी, लाल, लचीली।बोली बोले खरी –
Read More1 मुँह में रह करती है लप-लप।हर व्यंजन खाती है गप – गप।लंबी – चौड़ी, लाल, लचीली।बोली बोले खरी –
Read Moreसुबह-सुबह सूरज मुस्काए ,आँगन में छाया उजियारा।बस्ता लेकर चल पड़ते हम, हमें स्कूल लगता प्यारा।ज्ञान की बातें, खेल निराले, मिलते
Read Moreबड़ी जोर से शेर दहाड़ा— “जंगल में मेरा है राज!”खरगोश बोला, “मिलकर रहना, आवश्यक है आज ।”हो बलवान और बुद्धिमान
Read Moreभारतीय स्वतंत्रता के इतिहास में कुछ ऐसे नाम हैं जो प्रत्यक्ष युद्धभूमि पर नहीं, अपितु अपनी सूझबूझ, साहस और मातृभूमि
Read More1 हरा रंग, मैं लगूँ हथेली।डाली पर झूमूँ अलबेली।अपना भोजन स्वयं पकाती।हवा साथ मैं नृत्य दिखाती। 2 गड़े हुए धरती
Read Moreराजापुर की धरा से उपजा, एक अनूठा रत्न महान।तुलसीदास नाम था जिनका, किया रामयश का गुगान ।बचपन कठिन रहा जीवन
Read Moreप्रेमचंद थे कलम के धनी , जन-मन के थे सच्चे प्राण।शब्द-शब्द से भारत माँ का, किया जिन्होंने गौरव गान।होरी, धनिया,
Read Moreमनुष्य के जीवन में स्वतंत्रता का वही स्थान है, जो शरीर में प्राण का है। स्वतंत्रता के बिना मनुष्य का
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