कोचिंग संस्कृति के चौराहे पर शिक्षा
भारत में शिक्षा को सदियों से ज्ञान, संस्कार और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम माना गया है। शिक्षक को समाज में
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Read Moreआधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने मानव जीवन की रक्षा, उपचार और संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ हासिल की हैं। आज
Read More“द अनफॉरगिविंग समर: कैसे भारत का ‘री-नीट’ संकट, अत्यधिक गर्मी की लहरों एवं भीड़भाड़ वाले हॉस्टलों के साथ मिलकर चल
Read Moreभारतीय शिक्षा जगत में यह शायद ही पहले कभी देखने को मिला हो कि एक टीवी स्टूडियो में कही गई
Read Moreआज का युग तकनीक और डिजिटल क्रांति का युग है। जीवन का लगभग हर क्षेत्र आधुनिक तकनीक से प्रभावित हो
Read Moreजब सुधार के नाम पर व्यवस्था ही संकट बन जाए, तब शिक्षा तंत्र पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सीबीएसई ने
Read Moreजब 1826 में पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने कलकत्ता से ‘उदंत मार्तंड’ का प्रकाशन किया, तो यह सिर्फ एक अखबार
Read Moreकिसी भी लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति उसकी संसद, न्यायपालिका या चुनाव प्रणाली भर से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इस बात
Read Moreविद्यालयों में अध्यापकों के मोबाइल फ़ोन उपयोग को लेकर एक बार फिर बहस तेज़ हो गई है। कहीं नए आदेश
Read Moreकिसी भी सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने कमजोर, वंचित और विशेष आवश्यकता वाले
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