राष्ट्र का गौरव है हिंदी
(१)अपनी भाषा की तरक्की से हीहोगी देश की तरक्की।जो अपनी मां को भूल गयावह तरक्की क्या कर पाएगा?जो अपनी भाषा
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Read Moreशिक्षक सिर्फ किताबी ज्ञान न देकर अपने छात्रों को जीवन जीने की कला को सीखता है। उनके चरित्र का निर्माण
Read Moreअजादी की खुशियों में भीग जाने दो।तिरंगे के रंगों में रंग जाने दो।शहीदों की तपस्या का जश्न है ये,आज हर
Read Moreपंचायती राज अर्थात् गांव की सरकार। यह सोच 2000 साल पुरानी है ऋग्वेद मौर्य काल तक गांव व्यवस्था थी जिसमें
Read Moreहमारे देश का संविधान दुनिया का सबसे विस्तृत व्यवस्थित और लिखित संविधान है। हमारे देश का संविधान सबसे पहले देश
Read Moreवागड़ के युवा साहित्यक डॉ. कान्ति लाल यादव हिंदी साहित्य प्रेरक संस्था (पंजी) जींद में दिनांक 26/ 10/ 2025 को
Read Moreबस पेड़ गुंगे थे पर प्राण विहीन नहीं,प्रकृति कर रही थी पुकार बस अपनी मौन भाषा मेंऔर वही समझ पा
Read Moreसुबह-सुबह की गुलाबी ठंड मेंएक आदिवासी बालिकामीठे रसीलेमहुओं के फूलों को बीन रही थी।अपने सपनों के परों को वह खोल
Read Moreजल- जमीन- जंगल के रखवाले हैं ।हम अपनी मर्जी के राजा हैंहमारी संस्कृति बस्ती है रगों मेंहम प्रकृति के वासी
Read Moreधरती हमारी माता और पिता आसमानचांद हमारा मामा और सूरज हमारा देवता.आकाश गंगा के तारों में हमारी आत्मा,पेड़ पौधों में
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