पतझड़ के सूखे पत्ते
जीवन की है सच्चाई यहीआना है और एक दिन चले जाना हैपतझड़ के सूखे पत्ते की तरहगिरना है और बिखर
Read Moreजीवन की है सच्चाई यहीआना है और एक दिन चले जाना हैपतझड़ के सूखे पत्ते की तरहगिरना है और बिखर
Read Moreआज प्राथमिकताओं के आगे रिश्ते कहाँ हैं टिकतेअनमोल जो होते थे कभी आज कौड़ियों के भाव हैं बिकतेकभी रिश्तों में
Read Moreजिसने सारी दुनियां पर अपनीआवाज से सालों किया राजलता की थी छोटी बहनखामोश हो गई आज वह आवाज आशा ताई
Read Moreरिश्ते भी आजकल अजनबी से हैं होने लगेलोग नफरतों के बीज अब बहुत हैं बोने लगेप्यार मोहब्बत की फसलें तो
Read Moreजब निकला खाने की तलाश में इधर उधरतो मैं आवारा हो गयालोगों को अब मैं अच्छा नहीं लगतामेरी शक्ल देखना
Read Moreखमोश सी ठंडी सर्द रात में दरवाजे पर दस्तक हुईकम्बल लपेटे कांपते कांपते मैंने दरवाजे की कुंडी खोलीबाहर खड़ा था
Read Moreहंसता है कोई दीवारों के बाहर भीकोई अंदर ही अंदर सुलगता है जाताकिसी के अंदर झांक कर कोई कैसे देखेकि
Read Moreआई रे आई रे होली झूमें नाचें गायेंप्यार से मिलकर एक दूजे को गले लगाएंमन का मैल निकालें सारा मन
Read Moreयह दुनियां किसी की नहीं है जागीरकठपुतली हैं सब यहां राजा हो या फकीरअपना किरदार निभाकर सबको है जानामिलेगा वही
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