पीछा नहीं छोड़ेगी हताशा
खमोश सी ठंडी सर्द रात में दरवाजे पर दस्तक हुईकम्बल लपेटे कांपते कांपते मैंने दरवाजे की कुंडी खोलीबाहर खड़ा था
Read Moreखमोश सी ठंडी सर्द रात में दरवाजे पर दस्तक हुईकम्बल लपेटे कांपते कांपते मैंने दरवाजे की कुंडी खोलीबाहर खड़ा था
Read Moreहंसता है कोई दीवारों के बाहर भीकोई अंदर ही अंदर सुलगता है जाताकिसी के अंदर झांक कर कोई कैसे देखेकि
Read Moreआई रे आई रे होली झूमें नाचें गायेंप्यार से मिलकर एक दूजे को गले लगाएंमन का मैल निकालें सारा मन
Read Moreयह दुनियां किसी की नहीं है जागीरकठपुतली हैं सब यहां राजा हो या फकीरअपना किरदार निभाकर सबको है जानामिलेगा वही
Read Moreगिरती है जब बर्फचमक उठते है पहाड़सफेद चादर से ढकेआंखे चुंधिया जाती है देख करपहाड़ी के लिए आम है बर्फ
Read Moreवह भी दिन थे जब पिछड़ी हुई थी कोटधारदूर इतनी थी जैसे जाना हो सात समुंदर पारघुमारवीं से झंडूता मांडवा
Read Moreफौजी बोलना जितना होता है आसानउतना ही कठिन होता है फौजी बननाशांति में भी उग्रवादियों से लेना पड़ता है लोहायुद्ध
Read Moreवो भी क्या दिन थे जब हम ऐसे गांव में थे रहतेजहां रिश्ता लगा कर थे सब को बुलातेकोई बंदिश
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