ग़ज़ल
तू जो मुझसे मिली नहीं होती।अपनों से दुश्मनी नहीं होती।। ढूंढ लेता कोई सनम दूजा।तुझसे जो दिल्लगी नहीं होती।। मुस्कुरा
Read Moreहे धन्य श्रमिक! तुम स्वेद – स्नेह दे,जीवन – दीप जलाते हो।धरती माँ के सच्चे सपूत,श्रम का शुभ चक्र चलाते
Read Moreखामोश थीं दीवारें, पर ‘दर्द’ चीख रहा था,ये इंसान ही इंसान को नीचे गिरा रहा था। क्यों? स्त्री जननांग से
Read Moreहर भाषा की असली ताकत उसकी माट्टी में छुपी होती है, और उसी माट्टी से जन्म लेते हैं उसके आखर।
Read Moreज़ोया और राकेश की मुहब्बत के किस्से कभी स्कूल की तंग गलियों और कॉलेज के उन नीम के पेड़ों के
Read Moreसमाजवादी पार्टी द्वारा महिला आरक्षण संशोधन बिल पर बहस के दौरान मुस्लिम महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की मांग
Read More“आनंद” अपनत्व से भरपूर प्यारा सा परिवार,मिलें जहॉं बुजुर्गों का सानिध्य छोटों का चटकार,जीवन किताब के हर कोरे पन्ने को
Read Moreजो भारत यूरेनियम के लिए दूसरे देशों का नाक रगड़ता था, अब ऐसी नौबत कभी नहीं आएगी। बल्कि विश्व बाजार
Read Moreलम्बे संघर्ष और राजनैतिक उतार -चढ़ाव के बाद भारतीय जनता पार्टी को बिहार में पहली बार अपना मुख्यमंत्री बनाने का
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