अंतस् की 84 वीं गोष्ठी: एक अहम् पड़ाव
साहित्य हितकारी होता है। “हितेन् सहितम् इति साहित्यम्” यह साहित्य की मूल परिभाषा है और जो साहित्य हितकारी नहीं होता
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Read Moreसंयोजन-संचालन- पूनम माटियाअध्यक्षता – श्रीमती सोनम यादवसरस्वती-वंदना- श्री राम लोचनउपरोक्त के साथ अन्य वरिष्ठ कवि-शायरों द्वारा गीत, ग़ज़ल, कविता का
Read More28 मई की ‘नौ तपा’ की शाम 8 बजे आयोजित अंतस् की 82वीं गोष्ठी मशहूर शायर डॉ बशीर बद्र जी
Read Moreकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की पूण्य तिथि पर आयोजित हुई। दिनकर कविता को छायावादी कुहेलिका से प्रसन्न आलोक में
Read Moreअंतस् की उत्कृष्ट 80 वीं काव्य-गोष्ठी में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए NOIDA SE श्री विनय विक्रम सिंह ‘मनकही’ ने गोष्ठी
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