ग़ज़ल
परेशां दिल हमारा है घड़ी भर को ठहर जाते।तो कुछ पल ज़िन्दगी के शादमानी से गुज़र जाते। मुहब्बत के क़सीदे
Read Moreजाता वक़्त कह रहा हमसे मन की गांठे खोलो प्रिय।दुर्भावना मिटा कर सारी मन को मन से जोड़ो प्रिय। चुक
Read Moreआँगन में खेलते बच्चों को श्यामा आवाज लगाती है ! चलो आओ खेलना बंद करो बच्चो !! देखो मैने भोजन
Read Moreकरनी गर नेक रखेंगे तो फिर यूँ पछताना कैसा?कुछ तो लोग कहेगे, बातों से डरजाना कैसा?जीवन की आपधापी संघर्ष कहानी
Read Moreदिल में सनम बसा लो मुझको गुरुर होगा।पल भर गले लगा लो दिल को सुरूर होगा। काँटों भरे सफऱ में
Read Moreनिवी अपना कॉलेज पूरा भी ना कर पाई थी घरवालों ने उसका विवाह कर दिया। दर्श अच्छे परिवार का होनहार
Read Moreदुर्लभ जीवन हुआ आज क्यूँ, मिलता नहीं जवाब है।महंगाई आकाश छू रही, टूट रहे नित ख्वाब हैं।आमदनी है एक रुपइया
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