सत्य भोगता दुख जीवन में
सत्य भोगता दुख जीवन में, पाता है अपमान यहाँ।झूठे और फरेबी का ही होता है सम्मान यहाँ। मूल्य हीन नर
Read Moreसत्य भोगता दुख जीवन में, पाता है अपमान यहाँ।झूठे और फरेबी का ही होता है सम्मान यहाँ। मूल्य हीन नर
Read Moreहाल दिल का छुपाना कठिन काम है।दिल से दिल को मिलाना कठिन काम है।। दर्द की धूप में हँस के
Read Moreसृष्टि के आरंभ से ही संघर्ष जीवन का अभिन्न सत्य रहा है। जहाँ सृजन है, वहाँ संरक्षण का प्रयत्न है;
Read Moreप्यार में सब गवारा, कहो तो सही।कर के कोई इशारा, कहो तो सही।। डूबती नाव को भी किनारा मिला।तुमने कब
Read Moreछोड़ बैठी हैं मुझे दुनिया, मेरे ग़मख़्वार भी।हो गए हैं आजकल मुझसे सभी बेज़ार भी॥दर्द की इस राह में मिलता
Read Moreअमराई की छांव सुहानी, मनवा गीत सुनाए है,भीनी-भीनी खुशबू से, यह जीवन महकाए है। कोयल मीठी तान सुनाए, पवन रागिनी
Read Moreबरसात की पहली शाम थी। कंक्रीट के ऊँचे जंगलों के बीच पानी सड़कों पर बह रहा था। गाड़ियों का शोर,
Read Moreकभी आईने में खुद को देखा था,तो आँखों में एक सपना चमकता था…नाम मेरा भी था, पहचान मेरी भी,जीवन मेरा
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