उम्मीद की खिड़की
सोनबरसा गाँव के आख़िरी छोर पर कावेरी अम्मा का पुराना घर था। बरसात होते ही वह खिड़की के पास बैठकर
Read Moreसोनबरसा गाँव के आख़िरी छोर पर कावेरी अम्मा का पुराना घर था। बरसात होते ही वह खिड़की के पास बैठकर
Read Moreधरती डूबी पर्वत कांपे, रोया सकल जहान है।मलबे में सब स्वप्न दब गए, सूने हुए मकान हैं। चीखों से काँपा
Read Moreअगस्त का महीना आते ही लगता है, मानो आकाश ने अपने नील आँचल पर मेघों की श्यामल कढ़ाई कर ली
Read Moreविदेश में रहते हुए उसे कई वर्ष बीत गए थे। अच्छी नौकरी, अपना घर, पत्नी और बच्चों से भरा संसार—जीवन
Read Moreसत्य भोगता दुख जीवन में, पाता है अपमान यहाँ।झूठे और फरेबी का ही होता है सम्मान यहाँ। मूल्य हीन नर
Read Moreहाल दिल का छुपाना कठिन काम है।दिल से दिल को मिलाना कठिन काम है।। दर्द की धूप में हँस के
Read Moreसृष्टि के आरंभ से ही संघर्ष जीवन का अभिन्न सत्य रहा है। जहाँ सृजन है, वहाँ संरक्षण का प्रयत्न है;
Read Moreप्यार में सब गवारा, कहो तो सही।कर के कोई इशारा, कहो तो सही।। डूबती नाव को भी किनारा मिला।तुमने कब
Read Moreछोड़ बैठी हैं मुझे दुनिया, मेरे ग़मख़्वार भी।हो गए हैं आजकल मुझसे सभी बेज़ार भी॥दर्द की इस राह में मिलता
Read More