Author: गोपाल कौशल "भोजवाल"

बाल कविता

बाल कविता – गणपति बप्पा

गणपति बप्पा आए रे,खुशियों के रंग लाए रे।नन्हे-मुन्ने फूल सजाएँ,मिलकर मंगल गीत सुनाएँ।माथे चमके मुकुट सुहाना,प्यारा मुखड़ा बड़ा सलोना।बड़े-बड़े हैं

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बाल कविता

बाल कविता – नंद के घर कान्हा आए

नंद के घर कान्हा आए,संग में खुशियाँ खूब लाए।मैया यशोदा हँसती जाए,माखन मिश्री उन्हें खिलाए।नन्हे कान्हा प्यारे-प्यारे,सबके मन को लगते

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बाल कविता

बाल कविता – तिरंगा प्यारा-प्यारा

तिरंगा प्यारा-प्यारा है,भारत देश हमारा है।केसरिया देता बलिदान,सफेद सिखाता शांति महान।हरा रंग खुशहाली लाए,नीला चक्र आगे बढ़ाए।पंद्रह अगस्त का दिन

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बाल कविता

गुरुजी सबसे प्यारे

गुरुजी सबसे प्यारे हैं,ज्ञान-दीप उजियारे हैं।अच्छी बातें हमें सिखाते,जीवन के रखवाले हैं। अ, आ, इ, ई पढ़वाते,गीत सुनाकर मन बहलाते।हँसते-हँसते

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बाल कविता

बाल कविता – मेरे प्यारे पिता जी

मेरे प्यारे पिता जी हैं,सबसे अच्छे साथी।मुझे खिलाते, मुझे हँसाते,बातें करते प्यारी।उँगली पकड़ चलना सिखाया,सही राह दिखलाई।गिर जाऊँ जब खेल-खेल

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भजन/भावगीत

मां नवदुर्गा के नौ स्वरूपों पर विशेष रचना

प्रथम स्वरूप शैलपुत्री हे गिरिजा, हिमशिखर-विहारिणी, वृषारूढ़ा भव-तारिणी,त्रिशूल-दीप्त कर-कमल, करुणा-सिन्धु, मंगल-कारिणी।प्रथम प्रभा-सी तुम प्रकटो, जग में चेतन ज्योति जलाओ,भक्ति-सरित बहा

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बाल कविता

बाल कविता – चंचल गौरैया

चूं-चूं करती गौरैया,आँगन में आई गौरैया,फुदक-फुदक कर इधर-उधर,सबको भायी गौरैया।तिनका लाए, तिनका जोड़े,प्यारा सा घर बनाती,मेहनत से वो कभी न

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