Author: गोपाल कौशल "भोजवाल"

बाल कविता

बाल कविता – मेरे प्यारे पिता जी

मेरे प्यारे पिता जी हैं,सबसे अच्छे साथी।मुझे खिलाते, मुझे हँसाते,बातें करते प्यारी।उँगली पकड़ चलना सिखाया,सही राह दिखलाई।गिर जाऊँ जब खेल-खेल

Read More
भजन/भावगीत

मां नवदुर्गा के नौ स्वरूपों पर विशेष रचना

प्रथम स्वरूप शैलपुत्री हे गिरिजा, हिमशिखर-विहारिणी, वृषारूढ़ा भव-तारिणी,त्रिशूल-दीप्त कर-कमल, करुणा-सिन्धु, मंगल-कारिणी।प्रथम प्रभा-सी तुम प्रकटो, जग में चेतन ज्योति जलाओ,भक्ति-सरित बहा

Read More
बाल कविता

बाल कविता – चंचल गौरैया

चूं-चूं करती गौरैया,आँगन में आई गौरैया,फुदक-फुदक कर इधर-उधर,सबको भायी गौरैया।तिनका लाए, तिनका जोड़े,प्यारा सा घर बनाती,मेहनत से वो कभी न

Read More
बाल कविता

बसंत पंचमी

आई बसंत पंचमी प्यारी-प्यारीखुशियों की चादर पीली-पीली।ठिठुरन भागी , धूप मुस्काई,धरती लगी आज बड़ी रंगीली।। सरसों हँसी खेतों-खलिहानों में,कोयल बोली

Read More