नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की महागाथा : शक्ति, साधना और सृष्टि की दिव्य गाथा
पर्वतराज के आँगन में जब दिव्य प्रभा मुस्काई,सती ने गिरिराज-सुता बन पुनः धरा पर छवि पाई।वृषभवाहिनी, त्रिशूलधारिणी, कमल सुशोभित हाथ,माँ
Read Moreपर्वतराज के आँगन में जब दिव्य प्रभा मुस्काई,सती ने गिरिराज-सुता बन पुनः धरा पर छवि पाई।वृषभवाहिनी, त्रिशूलधारिणी, कमल सुशोभित हाथ,माँ
Read Moreमाँ जगदम्बा के अष्टम दिन, महागौरी माँ आतीं,दिव्य रूप की ज्योति बिखेरें, जग को राह दिखातीं।करो ध्यान माँ के रूप
Read Moreमाँ के पाँचवें रूप स्कंदमाता से मिलता ज्ञान-प्रकाश,संतान-सुख, समृद्धि, शांति का मिलता शुभ आशीर्वाद।चारों दिशाओं में महिमा गूँजे, भक्ति का
Read Moreनवरात्रि के प्रथम दिवस पूजी जातीं माँ शैलपुत्री,पर्वतराज हिमालय की पुत्री, जग की पालनहारी।वृषभ पर आरूढ़ होकर ‘वृषारूढ़ा’ कहलाती हैं
Read Moreमुरुद-जंजीरा की धरती पर, जब एक प्रभात खिला,एक जनवरी उन्नीस सौ इक्यावन, नया अध्याय मिला।दिनकर के संस्कार मिले, माँ की
Read Moreसीवान (बिहार)। चैनपुर निवासी शिक्षक एवं साहित्यकार रूपेश कुमार को शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए राज श्री
Read Moreभाषा केवल विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम नहीं होती, बल्कि वह किसी समाज की संस्कृति, परंपरा, संवेदना और सामूहिक चेतना
Read Moreमेरे अक्षरों में भारत है, मेरी वाणी में स्वाभिमान,मेरी बोली के कण-कण में, गूँजे मेरा हिंदुस्तान।माँ के आँचल की ममता
Read Moreसंत नहीं, वे संदेश बने,जन-जन के विश्वास बने,अपने उजले कर्मों से वे,युग-युग तक प्रकाश बने। फिरोज़ाबाद की पावन धरती,लक्ष्मण नारायण
Read Moreशिक्षक जीवन के मंत्र हैं,शिक्षक जीवन के तंत्र हैं,अज्ञान के अँधियारे मेंज्ञान का पहला दीपक हैं। शिक्षक केवल पाठ नहीं
Read More