हिंदी दिवस : इतिहास, संघर्ष और वर्तमान प्रासंगिकता
भाषा केवल विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम नहीं होती, बल्कि वह किसी समाज की संस्कृति, परंपरा, संवेदना और सामूहिक चेतना
Read Moreभाषा केवल विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम नहीं होती, बल्कि वह किसी समाज की संस्कृति, परंपरा, संवेदना और सामूहिक चेतना
Read Moreमेरे अक्षरों में भारत है, मेरी वाणी में स्वाभिमान,मेरी बोली के कण-कण में, गूँजे मेरा हिंदुस्तान।माँ के आँचल की ममता
Read Moreसंत नहीं, वे संदेश बने,जन-जन के विश्वास बने,अपने उजले कर्मों से वे,युग-युग तक प्रकाश बने। फिरोज़ाबाद की पावन धरती,लक्ष्मण नारायण
Read Moreशिक्षक जीवन के मंत्र हैं,शिक्षक जीवन के तंत्र हैं,अज्ञान के अँधियारे मेंज्ञान का पहला दीपक हैं। शिक्षक केवल पाठ नहीं
Read Moreसृष्टि के आरंभ से मनुष्य की सबसे बड़ी यात्रा अंधकार से प्रकाश की ओर रही है। जंगलों की अनजान पगडंडियों
Read Moreजिनकी बहन नहीं, उनकी राखी कैसी? राखी आने से पहले बाज़ारों में रंग उतर आता है – लाल, पीले, हरे,
Read Moreराखी का ये पर्व है, प्रेम भरा त्योहार।भाई-बहन के स्नेह से, महके सारा संसार॥ जिनके भाई हैं नहीं, बहनें हों
Read Moreआज तिरंगे की शपथ है, सिर कभी झुकने न देंगे,भारत माँ के मान पर, कदम कभी न हम रुकने देंगे।
Read Moreकाशी में विश्वनाथ की ज्योति का अरमान है,प्रयाग के संगम में सदियों का सम्मान है। साकेत में राम की मर्यादा
Read Moreआओ मिलकर गान करें, जय जग के नाथ की,निकली आज रथयात्रा, महिमा अपरंपार की। नीलाचल से निकले प्रभु, करुणा के
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