शांति का प्रतीक : माँ चंद्रघंटा
स्वर्णाभ आभा में लिपटी, दिव्य प्रभा की ज्योति हो तुम,सिंहवाहिनी महाशक्ति, सकल ब्रह्मांड की स्रोतस्वरूप तुम।मस्तक पर अर्धचंद्र की रेखा,
Read Moreस्वर्णाभ आभा में लिपटी, दिव्य प्रभा की ज्योति हो तुम,सिंहवाहिनी महाशक्ति, सकल ब्रह्मांड की स्रोतस्वरूप तुम।मस्तक पर अर्धचंद्र की रेखा,
Read Moreजीवन एक सफ़र है, जिसमें रास्ते बदलते हैं, मंज़िलें बदलती हैं, और लोग भी बदलते रहते हैं। इस सफ़र में
Read Moreबिहार के सीवान जिले के चैनपुर गॉंव के स्व० भीष्म प्रसाद के सबसे छोटे पुत्र रूपेश कुमार को उत्तर प्रदेश
Read Moreराखी आई, पर कुछ जीवन मे अधूरा है,ना कोई आवाज़, ना कोई झगड़ा प्यारा है।कलाई तो है, पर वो रक्षा
Read Moreचैनपुर, सीवान, बिहार के युवा साहित्यकार एवं शोध छात्र, शिक्षक रूपेश कुमार को शिक्षा/साहित्य/सामाजिक क्षेत्र मे विशेष उपलब्धि के लिए
Read Moreआजकल रिश्ते मानव जीवन की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता हैं। इंसान सामाजिक प्राणी है, और समाज में जीने के लिए उसके
Read Moreचलते हैं हम हँसते-हँसते, भीतर टूटी है साँसे,चेहरों पर तो रोशनी है, मन में बुझती है आशाएँ।जीवन की डोर मे
Read Moreमनुष्य के जीवन में एक ऐसा समय आता है जब वह स्वयं से यह प्रश्न करता है – “मैं क्या
Read Moreतुम आई मेरे ज़िंदगी में जैसे बहार आई हो,सूने दिल में खुशियों की बौछार लाई हो। तेरी हँसी में बसी
Read Moreतेरे बग़ैर ये दिल सुना-सुना सा लगता है,हर एक लम्हा जैसे अधूरा अधूरा सा लगता है। तेरी बातें हवा से
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