मिलने लगे इनाम
तीसरे-चौथे बच्चे पर, अब मिलने लगे इनाम,यूं जनसंख्या की चर्चा में, बदल रहा है काम।कल तक जो कहते थे—“छोटा रखो
Read Moreतीसरे-चौथे बच्चे पर, अब मिलने लगे इनाम,यूं जनसंख्या की चर्चा में, बदल रहा है काम।कल तक जो कहते थे—“छोटा रखो
Read Moreवटवृक्ष की छाँव तले, यूं ‘श्रद्धा का दीप’ जलें,सावित्री के ‘अटल-प्रण’ से जीवन फिर सँवरें। माथे पर सिंदूर सजा, मन
Read Moreनीट का पेपर जब ‘लीक’ हुआ,हरेक सपना जैसे ‘ध्वस्त’ हुआ।अथक मेहनत की रातें ‘रो’ पड़ीं,ईमान की ‘राहें’ जैसे खोई पड़ीं।
Read Moreस्मार्ट शहर की चकाचौंध में, खो गई गौमाता,सीमेंट की सड़कों पर, किसे याद है वो नाता।पहले आँगन में बंधकर, घर
Read Moreधधकती धूनी, तपता गगन,मौन साधना में लीन है तन।राख में लिपटी आँखें है बंद,मन पहुँचा किसी और छंद। विदेशी होकर
Read Moreवन्दे मातरम् की गूंज उठी, भारत माँ की शान,राष्ट्रगान-सा दर्जा पाकर, हर दिल की पहचान।माटी की खुशबू इसमें, नदियों का
Read Moreअंधेरों से क्यों डरना है, जब भीतर दीप जला है,रास्ते चाहे कठिन हों, हौसलों से उन्हें सजाना है।ये ठोकरें ही
Read Moreवो मिट्टी की खुशबू, हाथों में रखती पानी,थाली में झलकी थी ‘मेहनत’ की कहानी।सुबह की किरण संग ‘काम’ पर थी
Read Moreचुनाव में कोई हारा है और कोई है जीता,लोकतंत्र की आहुति में योगदान दें सीखा।झालमुड़ी का ‘करिश्मा’ नहीं रहा हैं
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