प्रणव छंद
रंगों की अनुपम रंगोली। भावों से गपशप संजोली।। धारा पावन बढती आगे। जो ज्ञानी हरपल हैं जागे।। पानी सा मन
Read Moreआओ चिडिया, प्यारी चिडिया, मुझ सँग चुनमुन, खेलो चिडिया।। आओ चिडिया, प्यारी चिडिया, गीत गुनगुन, गाओ चिडिया।। मैं हूँ अकेला,
Read Moreसंविधान पूजनीय, शिल्पकार वंदनीय, राष्ट्र प्रेम हेतु धीर, त्याग कर्म साधना।। रक्षणार्थ प्राण दीप, धर्म ज्योति हो प्रदीप, शत्रु धीठ
Read Moreजोता खेत हलधर हौले हैं। बोता बीज फसल डोले हैं।। दाता हर्षित मन फूले हैं। फूलों संग पवन झूले हैं।।
Read Moreशान्ति का पथ धार लो। जीव करुणा तार लो।। नेह से विस्तार हो। सौख्य धुन संस्कार हो।। भाव समता हो
Read Moreहाय-हाय करते नित रहते। लूट-पाट कर वे जेबें भरते। दहशतगर्दी मकसद इनका– कलंकित मानवता करते।। खुद को वे सर्वश्रेष्ठ मानते।
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