त्रिभंगी छंद
उत्सव मनभावन, राखी पावन, बहना का है, मन भाया। हिय परमानंदा, रेशम फुंदा, सजे कलाई, शुचि माया। है भ्रात बहन
Read Moreउत्सव मनभावन, राखी पावन, बहना का है, मन भाया। हिय परमानंदा, रेशम फुंदा, सजे कलाई, शुचि माया। है भ्रात बहन
Read Moreस्वाधीनता दिवस का उत्सव बड़े धुमधाम से मनाया गया। जोश के साथ बड़े-बड़े वादे किए गए। मिठाइयां बांटी गई। बच्चे
Read Moreपुष्पित शुभ दल में, निर्मल जल में, निश्चल मन प्रभु, वास करे। शुचि हो पावनता, हिय मानवता, तारण हारा, दुःख
Read Moreगुरुवर के आशीष से, खिलता जीवन बाग। सप्त सुरों के साज से, गूँजे मधुरिम राग। ज्ञान रुपी संजीवनी, शिक्षा करे
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