नारायणी
नारी हूँ मैं, नर की नारायणी।
बेटी, भगिनी, प्रिया, माँ कल्याणी।।
सक्षम, सशक्त सुशिक्षित सन्नारी।
ममतामयी, धरा-सी धीरज धारी।।
दया, क्षमा, करुणा में मेरा अस्तित्व।
सृष्टि-सा रमणीक, कोमल कर्तुत्व।।
प्रभु परमात्मा की मैं परम साधिका।।
संसार संरचना में मेरी अहम भूमिका।।
देवी स्वरूपा, जीवन दायिनी माँ।
गंग-सी पावन, मंगला, निर्मला माँ।।
