मन में करुणा रखिए आवेश नहीं
अपने भीतर करुणा रखिए,आवेश को दूर बहा दीजिए,बादल बनकर जीवन को शीतलता का वर दीजिए।वर्षा की कोमल बूँदों से ही
Read Moreअपने भीतर करुणा रखिए,आवेश को दूर बहा दीजिए,बादल बनकर जीवन को शीतलता का वर दीजिए।वर्षा की कोमल बूँदों से ही
Read Moreतानाशाही हुक्मरानों ने,सबका हिस्सा खाया हैं।जनता की नेक कमाई को,अपनी शानो- शौकत में लुटाया हैं।शिक्षा हो या, हक अधिकार,उद्योग हो
Read Moreकौन कहता है कि संगति का असरहम पर कदापि नही पड़ता हैसच तो यही है खरबूजे को देखकरखरबूजा रंग बदलता
Read More“कलम” पकड़ो, मशाल नहीं, ज्ञान चुनो, बवाल नहीं,तुमसे कल का सूरज है, तुम “राजनीतिक ढाल” नहीं।सत्ता हो या फिर विपक्ष,
Read Moreतेरा भाणा मीठा लागे, हर पल तेरा नाम,सुख हो चाहे दुःख की बेला, तू ही मेरा धाम।तेरी रज़ा में शांति
Read Moreमैं कहीं जा रहा था,रास्ते में एक जगह रुका।तभी एक बुढ़ऊ मुझसे टकराया,सत्ताधारी नेता का गुणगान सुनाया। बोला—“सच्चा नेता वही
Read Moreनन्हे-नन्हे हाथ में,चिट्ठियों का मान।ढूँढ़ रहा प्रज्ञान है,बीते कल की शान॥ कागज़-कागज़ बोलते,जीवन के आधार।संघर्षों की रोशनी,मिली आज उपहार॥ शब्द
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