मजदूर
मैं श्रम का साथी, कहलाता हूं मजदूरखून पसीना बहाकर हर काम को करता हूं दूर।अपनी मिहनत की रोटी खाता हूं,कभी
Read Moreपिता पुत्र का रिश्ता कैसा होता है,पिता पुत्र की पहचान होता है,एक दुसरे का अभिमान होता है,पिता पुत्र का सखा
Read Moreमैं देवी हूं, मैं नारी हूं,ममता की बागीचा और फुलवारी हूं।पति के लिए पतिव्रता और अपने बच्चों की रक्षक हूं,इसपे
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