कविता

जीवन

जीवन क्या है?
एक आशा – निराशा,सुख – दुःख का सफर है,
और मौत उसकी आखिरी मंजिल है।
सांसों की इंजन चलती रहे तो सफर का मेला है,
जब ये रूक जाए तो सब अकेला है।
तू न डर मौत से ये तो विधि का विधान है,
न जाएगा कुछ भी तेरे साथ जो भी तेरा धन-दौलत और समान है।
अजब जिंदगी की गजब की कहानी है,
प्रेम , प्यार,माया -मोह और परेशानी से भरी ये जिंदगानी है।
धन-दौलत तो चंचल है, समुद्र में उठते -गिरते लहरों की तरह,
आज जो पास है वो कल दूर हो जाएगा,
इंसानियत ही तेरा सच्चा गहना है,
तेरे अच्छे कर्म ही लोगों के मस्तिष्क पटल पे
अमिट छाप छोड़ जाएगा।

— मृदुल शरण