मैं नारी हूं
मैं देवी हूं, मैं नारी हूं,ममता की बागीचा और फुलवारी हूं।पति के लिए पतिव्रता और अपने बच्चों की रक्षक हूं,इसपे
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Read Moreजीवन है एक यात्रा, बस चलते ही है जाना,आज है यहां तो न जाने कल कहां।कुछ सपने टूट जाएंगे, कुछ
Read Moreआज कितना बदल गया बच्चों का खेलआनलाईन विडियो गेम बना दिया घर को बच्चों का जेल।वो भी क्या दिन थे
Read Moreक्यों हम बडे़ हो गयेअपने बचपन की चंचलता कोन जाने हम कहाँ खो दिये।जब से बडे़ क्या हुए हमलगता है
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