कविता

कविता

बस कर तू अपने हौसले बुलंद
आने वाला हर तूफान ठहर जाएगा
तेरे हिम्मत के आगे ये आसमान
भी तेरे कदमों पे झुक जाएगा।
चाहे रात कितनी भी लंबी और घनघोर अंधेरी हो
तू ठहर मत जाना
क्योंकि, तेरे कदमों के निशान खुद राह दिखाएगा।
मुश्किलों की दीवार चाहे जितनी भी बड़ी हो
तू हिम्मत न हार, पत्थर भी मोम हो जाएगा
यदि तुझमें ख्वाबों को सच करने का जूनून होगा
तो आसमान के सितारें तेरे मुठ्ठी में आ जाएगा।
डर के परछाई को डटकर खुद के पास से हटा
तेरे आत्मविश्वास से तेरी मंजिल जीवंत हो जाएगा।
बस तू कर अपने हौसलें बुलंद
तेरे हिम्मत से तेरी तकदीर बदल जाएगा।

— मृदुल शरण