सपना
कल रात सपनें में देखा एक सपना
जिंदगी हकीकत दिखा रहा था
था मैं नींद में, और मुझे कुछ लोगों के द्वारा सजाया जा रहा था
और बड़े ही प्यार से मुझे नहलाया जा रहा था
थोड़ी ही देर के बाद मुझे बच्चों की तरह कंधों पे उठाया जा रहा था
कुछ दिनों के बाद अपनों के द्वारा ही मुझे भूलाया जा रहा था
मैंने देखा जो कभी मुझे मोहब्बत की निगाहों से कभी देखा नहीं
वो मेरे ऊपर आंखों में आंसू छलकाते हुए फूल बरसाए जा रहा था
कुछ मेरे अपने मेरे बदन से लिपटकर मुझे झकझोर कर जगाए जा रहा था
कांप उठी मेरी रूह ये मंजर देखकर
जहां मुझे हमेशा के लिए सुलाया जा रहा था
आखिर में मेरे ही अपनों के द्वारा मुझे जलाया जा रहा था..।
— मृदुल शरण
