पीली धूप का इंतज़ार
सन्नाटे अब विचलित नहीं करते,शायद समय ढलान पर है।फिर भी धड़कते हैं सुप्त विचार,घने काले बादलों की दीवार लाँघउदास नदी-नालों
Read Moreसन्नाटे अब विचलित नहीं करते,शायद समय ढलान पर है।फिर भी धड़कते हैं सुप्त विचार,घने काले बादलों की दीवार लाँघउदास नदी-नालों
Read Moreफागुन की मृदु बयार बही,धरती ने नव श्रृंगार किया।रंगों की कोमल छाया ने,जीवन का अभिनव सार दिया। अबीर-गुलाल उड़े गगन
Read Moreग़ज़ा के ध्वंस के बीचमृत्यु तांडव कर रही थी।धुएँ और चीख़ों सेआकाश बोझिल था,धरती श्मशान बन रही थी।बमों की गर्जना
Read Moreतुम्हारा एहसास हीबांसुरी धुन हैकृष्ण, कृष्ण नहीं होता थाबांसुरी बजाते हुएऔर गोपियांभाव विभोर हो जाती थींठहर जाती थी घड़ी की
Read Moreदो साल बाद कृष्ण की रिहाई जेल से हुई है। कृष्णा का मन पति के आगमन से गदगद हो रहा
Read More‘लगता है मेरा बेटा कुंवारा रह जाएगा। गांव में कुलदीप से कम उम्र वालों के सर पर सेहरा बंध गए।बाल
Read More“भाभी, मुंह खोलिए। ” गजानन की पत्नी अंजना ने खुशी से झुमते हुए सविता के मुंह में मिठाई डाल दी।
Read Moreतीन लूटेरों ने देशी कट्टे की नोक पर दिनदहाड़े तीन लाख रूपए एक व्यापारी से लूट लिए। राहगिरों ने रूपए
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