लोकलुभावन राजनीति और राज्यों पर बढ़ता ऋण बोझ
भारत में राज्यों का लगातार बढ़ता ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात आज केवल एक आर्थिक संकेतक नहीं, बल्कि देश की वित्तीय
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Read Moreदेश में इन दिनों नीट परीक्षा को लेकर ऐसा माहौल बना हुआ है मानो कोई रहस्य-रोमांच से भरी वेब सीरीज़
Read Moreनोट कहाँ कब बोलते, करते सिक्के शोर।केवल औछे लोग ही, दिखलाते हैं जोर।। धन-दौलत के मद फँसे, भूले सब व्यवहार,अहंकारों
Read Moreभारत के लगभग हर छोटे-बड़े शहर की एक भयावह तस्वीर अब आम होती जा रही है—कूड़े के ढेर में भोजन
Read Moreकाश दिखावे छोड़कर, समझें माँ के घाव,जीते जी ही दे सकें, उसको अपना ठाँव॥ मातृत्व दिवस पर करें, माँ का
Read Moreभारत इस समय भीषण गर्मी के दौर से गुजर रहा है। हर वर्ष तापमान नए रिकॉर्ड बना रहा है। मौसम
Read Moreममता की छाँव में, मिलता जग का मान,माँ के चरणों में सदा, बसता है सम्मान॥ आँचल की उस ओट में,
Read Moreभारत के शहर आज दो तस्वीरों में बँटे हुए दिखाई देते हैं। एक तस्वीर चमचमाती सड़कों, स्मार्ट सिटी योजनाओं, बड़े-बड़े
Read Moreछपकर बिकते थे कभी, सच के थे अख़बार,अब तो बिककर छप रहे, कलम है शर्मसार॥ सच की कीमत लग गई,
Read Moreलगता खूब अजीब है, रिश्तों का संसार,अपने ही लटका रहे, गर्दन पर तलवार॥ चेहरों पर मुस्कान है, भीतर गहरा वार,मीठी
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