नारी शक्ति या सत्ता का नया मुखौटा?
देश में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ, तो इसे “ऐतिहासिक” बताया गया, संसद में तालियां बजीं और महिला
Read Moreदेश में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ, तो इसे “ऐतिहासिक” बताया गया, संसद में तालियां बजीं और महिला
Read Moreसंसद में महिला आरक्षण का प्रश्न भारतीय लोकतंत्र के विकास और उसकी समावेशी प्रकृति से गहराई से जुड़ा हुआ है।
Read Moreलोग भूल जाते हैं एहसान,जब खड़ा हो जाता है मकान। जिनके दर पे झुके थे हम कभी,आज वही लगते हैं
Read Moreआज के समय में अगर कोई सबसे तेज़ी से फैलने वाली चीज़ है, तो वह है—“बकवास”। फर्क बस इतना है
Read Moreस्वर की वो रानी, सुरों की मूरत,हर दिल में बसती, मधुर सी सूरत।गीतों की गंगा, सुरों का सागर,तेरी आवाज़ में
Read Moreलोकतंत्र केवल वोट देने का अधिकार नहीं होता, वह एक सतत संवाद की प्रक्रिया है—जहाँ सवाल पूछे जाते हैं, जवाबदेही
Read Moreभारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहाँ जनता सर्वोच्च मानी जाती है और जनप्रतिनिधि जनता के सेवक के रूप में कार्य
Read Moreभगवान के मंदिर में भी,दीन देखकर भीड़ उमड़ती है,करुणा की वो सच्ची पूजा,दिलों में चुपचाप ही चढ़ती है। तुम तो
Read Moreरोटी की मजबूरियाँ, छीन गई पहचान,बचपन बोझा ढो रहा, सूना हर अरमान॥ हाथों में गर कलम हो, लिखते नए विचार,आज
Read Moreडिजिटल युग ने अभिव्यक्ति के स्वरूप को अभूतपूर्व गति और विस्तार दिया है। आज हर व्यक्ति के हाथ में एक
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