गेंद और बचपन
नन्हे हाथों की खुशी, नभ जितने अरमान।गेंद संग ही खेलता, अपना सारा जहान॥ छत हो, गाड़ी या गली, हर जगह
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Read Moreसावन सिर्फ बारिश का मौसम नहीं है, बल्कि जीवन के सभी रूपों का उत्सव है। भारत मानसून के आगमन के
Read Moreमुख पर कितने रंग हैं, भीतर सूना गाँव।सच की पगडंडी मिली, छोड़ गए सब ठाँव॥ सेवा यदि हो नाम की,
Read Moreनन्हे हाथों थामकर,बैठा हँसता लाल।गोदी में लौकी लिए,जैसे हरित विशाल॥ हरा-भरा यह फल कहे,प्रकृति बड़ी महान।इससे मिलकर सीख लो,सादा सुंदर
Read Moreमौन-पथों पर जो चला, पाया अपना ठौर।भीतर जागा जब स्वयं, मिट गए सब छोर॥ हर यात्रा पैरों बिना, चलती मन
Read Moreजंतर-मंतर लोकतांत्रिक भारत का वह सार्वजनिक मंच है जहाँ नागरिक अपनी बात सरकार और समाज तक पहुँचाने के लिए एकत्र
Read Moreधर्म नहीं बाज़ार है, श्रद्धा ज्यों व्यापार।लोभी जहाँ प्रधान हो, सूना हर दरबार॥ धर्म बना व्यवसाय जब, खो बैठा संस्कार।भूखे
Read Moreगुरु दीपक सम ज्ञान के, हरें सब अँधियार।जीवन आलोकित करें, बनकर सत्य-विचार॥ शब्द नहीं बस सीख हैं, जीवन का आधार।गुरु
Read Moreमाँ की गोदी स्वर्ग सी,मिलता सच्चा प्यार।उसकी ममता से सदा,महके हर संसार॥ नन्हे सपने आँख में,मन में भोले भाव।माँ के
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