Author: *डॉ. प्रियंका सौरभ

स्वास्थ्य

जनस्वास्थ्य पर बाजार का बढ़ता कब्ज़ा

भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य केवल चिकित्सा सेवा का प्रश्न नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता

Read More
राजनीति

डिजिटल युग में लोकतांत्रिक असहमति का नया स्वर

भारतीय लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने के तरीके समय के साथ बदलते रहे हैं। कभी स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सत्याग्रह

Read More
राजनीति

पेट्रोल बचत का ज्ञान, सरकारी गाड़ियों में खानदान

देश में जब भी पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ती हैं, तब अचानक सरकारों, अधिकारियों और नेताओं को “ईंधन बचत”

Read More
शिक्षा एवं व्यवसाय

कार पर सस्ता, शिक्षा पर ब्याज भारी क्यों?

भारत जैसे विकासशील देश में शिक्षा को हमेशा राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम माना गया है। हम अक्सर यह

Read More