कोचिंग संस्कृति के चौराहे पर
शिक्षा थी संस्कार की, ज्ञान-ज्योति का धाम।अब बाजारों में बिके, उसका पावन नाम।। विद्यालय के द्वार से, घटता अब विश्वास।कोचिंग
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Read Moreभारत में शिक्षा को सदियों से ज्ञान, संस्कार और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम माना गया है। शिक्षक को समाज में
Read Moreकुर्सियों का किला बनाया,घर के बीचों-बीच।तीनों बच्चे खेल रहे थे,खुशियाँ लेकर नीड़। कुशन रखकर छत बना ली,दीवारें भी चार।छोटा-सा वह
Read Moreरील-शोहरत का लगा, अब तो ऐसा रोग।लाज-शरम सब बेचते, वाह-वाह के लोग।। लाइक-शेयर की भूख में, बेच रहे संस्कार,प्रसिद्धि की
Read Moreलोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति जनमत होता है। यह जनमत किसी एक दिन या एक चुनाव के दौरान निर्मित नहीं
Read Moreभारत में किसी बस स्टॉप पर खड़ी स्त्री का दृश्य सामान्य प्रतीत हो सकता है, लेकिन यदि हम उसे थोड़ा
Read Moreअख़बारों में कुछ बचा, ज़िंदा ज़मीर आज।तारीख़ और वार का, रखते जो अंदाज़।। मौत ज़मीरों की हुई, कैसी उठी पुकार।सच
Read Moreलाल दुपट्टा, मीठी मुस्कान,माँ जैसी लगती पूरी जहान।गोदी में नन्हा सपना प्यारा,आँखों में चमके चाँद सितारा। मेले की रंग-बिरंगी राहें,खुशियों
Read Moreतप्त धूप अब कह रही, सुनो धरा की पीर।सूखे वन-उपवन हुए, रोए झरने-नीर।। सूरज अग्नि उगल रहा, झुलसे सब इंसान।छाँव
Read Moreहरियाणा की धरती को लंबे समय तक पारिवारिक प्रेम, भाईचारे और संयुक्त परिवारों की संस्कृति के लिए जाना जाता रहा
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