महँगा पेट्रोल
पेट्रोलों के बढ़ गए, देखो फिर अब भाव।महँगाई की मार से, डगमग सबकी नाव।। ट्रैक्टर, बस, ट्रक सभी, माँग रहे
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Read Moreपिछले कुछ समय से देश के शहरों और गांवों में एक चिंता लगातार सुनाई दे रही है—पेट्रोल और डीज़ल की
Read Moreरील-शोहरत का लगा, अब तो ऐसा रोग।लाज-शरम सब बेचते, वाह-वाह के लोग।। लाइक-शेयर की भूख में, बेच रहे संस्कार,प्रसिद्धि की
Read Moreदिल्ली केवल भारत की राजधानी नहीं, बल्कि सत्ता की वह पुरानी चौसर है जहाँ मोहरे बदलते रहते हैं, पर खेल
Read Moreगर्मी आई गाँव में, तपने लगा जहान।मटके वाला जल बना, जैसे अमृत-दान।। सूरज बरसे आग-सा, झुलसे खेत-खलिहान,प्यासे पंछी ढूँढते, छाँव
Read Moreकॉकरोच को तुच्छ कह, भरते मन अभिमान।भीतर बैठे भेड़िए, ऊपर मीठी तान।। लोमड़ जैसी चाल से, करते रोज़ शिकार,गिरगिट जैसे
Read Moreभारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य केवल चिकित्सा सेवा का प्रश्न नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता
Read Moreआज का समय अभिव्यक्ति का समय है। सोशल मीडिया, ब्लॉग, डिजिटल मंच और स्वयं-प्रकाशन के साधनों ने हर व्यक्ति को
Read Moreभारतीय लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने के तरीके समय के साथ बदलते रहे हैं। कभी स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सत्याग्रह
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