कुएँ बावड़ी रो रहे, सूखे सब जलस्रोत
बूँद-बूँद से सिंधु है, बूँदों से संसार।जल बिन सूना ये जगत, जल से ही उद्धार॥ सूखे नद-नाले सभी, प्यासा हुआ
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Read Moreदेश में जब भी पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ती हैं, तब अचानक सरकारों, अधिकारियों और नेताओं को “ईंधन बचत”
Read Moreभारत इस समय भीषण गर्मी के दौर से गुजर रहा है। हर वर्ष तापमान नए रिकॉर्ड बना रहा है। मौसम
Read Moreभारत जैसे विकासशील देश में शिक्षा को हमेशा राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम माना गया है। हम अक्सर यह
Read Moreनन्हा बच्चा खेल रहा,हँस-हँस कर वो झूम रहा,लाल पैंट और प्यारी शर्ट,सबको कितना भा रहा।नन्हा बच्चा खेल रहा,हँस-हँस कर वो
Read Moreभारत के सर्वोच्च न्यायालय की हालिया टिप्पणी केवल एक कानूनी अवलोकन नहीं है, बल्कि भारतीय समाज की उस गहरी मानसिकता
Read More“अंकों की इस दौड़ में, बचपन हुआ उदास।कंधों पर उम्मीद का, भारी पड़ा लिबास॥” भारत जैसे विकासशील देश में शिक्षा
Read Moreजब से आई गाँव में, ये शहरी सौगात।मेड़ करें ना खेत से, आपस में अब बात।। पीपल वाली छाँव भी,
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